<p style=”text-align: justify;”><strong>CNAP Rule:</strong> कल यानी 1 नवंबर से देश के करोड़ों फोन यूजर्स के लिए कॉलिंग से जुड़े नियम पूरी तरह बदलने जा रहे हैं. टेलीकॉम कंपनियां कल से देशभर में कॉलर नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP सर्विस लागू करने जा रही हैं. अब तक जब भी आपके फोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आता था तो स्क्रीन पर सिर्फ नंबर फ्लैश होता था. कॉल किसका है यह जानने के लिए हमें थर्ड पार्टी कॉलर आईडी ऐप्स का सहारा लेना पड़ता था. </p>
<p style=”text-align: justify;”>लेकिन कल से बिना किसी ऐप के भी आपको फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का असली नाम दिखाई देगा. दूरसंचार विभाग ने बढ़ते साइबर फ्रॉड और फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है. हालांकि इस नए नियम के आने से उन करोड़ों लोगों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जो अपने माता-पिता, भाई-बहन या किसी दूसरे फैमिली मेंबर के नाम पर ली गई सिम का इस्तेमाल कर रहे हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>दूसरे के नाम पर सिम तो स्क्रीन पर किसका नाम आएगा?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>भारत में यह बहुत आम बात है कि सिम कार्ड घर के किसी बड़े सदस्य जैसे पापा, मम्मी या भाई की आईडी पर खरीदा जाता है और उसका इस्तेमाल घर का कोई दूसरा सदस्य करता है. ऐसे में CNAP नियम लागू होने के बाद सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यही है कि कॉल करने पर किसका नाम शो होगा. नियम के मुताबिक CNAP सिस्टम पूरी तरह से टेलीकॉम कंपनियों के केवाईसी डेटाबेस पर काम करता है. </p>
<p style=”text-align: justify;”>यानी सिम खरीदते समय जिस व्यक्ति का आधार कार्ड या पहचान पत्र लगाया गया था कंपनी के रिकॉर्ड में वही असली मालिक है. इसलिए अगर आप अपने पिता के नाम पर रजिस्टर्ड सिम चला रहे हैं और किसी अनजान नंबर पर कॉल करते हैं तो सामने वाले की स्क्रीन पर आपका नहीं बल्कि आपके पिता का नाम दिखाई देगा. अगर आप चाहते हैं कि कॉल करने पर आपका ही नाम दिखे तो आपको टेलीकॉम ऑपरेटर के पास जाकर सिम को अपने नाम पर ट्रांसफर या पोर्ट करवाना होगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><br /><img src=”https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/31/1c808780c0b60ec5f0b02f1cb300929f1793425732545907_original.jpg” /></p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>पहले से सेव नंबरों का क्या होगा?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>यह नया सरकारी कॉलर आईडी सिस्टम थर्ड पार्टी ऐप्स से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा भरोसेमंद तरीके से काम करेगा. थर्ड पार्टी ऐप्स में लोग अपनी मर्जी से कुछ भी नाम लिख लेते थे. लेकिन CNAP में सीधे टेलीकॉम कंपनियों के वेरिफाइड रिकॉर्ड से नाम उठाया जाएगा. जब कोई अनजान शख्स आपको कॉल करेगा तो फोन की डिस्प्ले पर सबसे ऊपर उसका मोबाइल नंबर और ठीक उसके नीचे सिम कार्ड के मालिक का सरकारी दस्तावेज वाला नाम नजर आएगा. </p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं अगर आपने किसी व्यक्ति का नंबर पहले से अपने फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में किसी खास नाम से सेव कर रखा है. तो स्क्रीन पर आपके द्वारा सेव किया गया नाम ही पहले दिखेगा. इसके अलावा अगर कोई कॉल विदेश से आ रहा है. तो स्क्रीन पर नंबर के साथ साफ तौर पर इंटरनेशनल कॉल लिखा हुआ दिखाई देगा. जिससे लोग विदेशी नंबरों से होने वाले स्कैम से सावधान हो सकेंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><br /><img src=”https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/31/46d52deebc80991c12deb50190f048051793425704920907_original.jpg” /></p>
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<h3 style=”text-align: justify;”><strong>कंपनियों के लिए क्या हैं नियम?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>शुरुआती चरण में कल से यह सुविधा देश के सभी 4G और 5G नेटवर्क यूजर्स के लिए डिफॉल्ट रूप से चालू की जा रही है. इसके लिए आपको अपने फोन में कोई अलग से ऐप डाउनलोड करने या सेटिंग बदलने की जरूरत नहीं होगी. 2G और 3G नेटवर्क इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए इसे आगे चलकर अलग से रोलआउट किया जाएगा. वहीं बिजनेस और कंपनियों के लिए भी खास नियम बनाए गए हैं. </p>
<p style=”text-align: justify;”>अगर कोई कंपनी चाहती है कि उसके कर्मचारियों के फोन से कॉल जाने पर कंपनी या ब्रांड का नाम दिखे तो उन्हें अपने GST या ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज टेलीकॉम कंपनी को देकर अपना नाम अपडेट कराना होगा. यूजर्स की प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए कंपनियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि कॉल कटने के बाद कॉलर का नाम सिस्टम में स्टोर न रखा जाए. </p>
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