<p>अक्सर ऐसा होता है कि हम किसी जरूरी काम से बाहर जाते हैं और जल्दबाजी में फोन का चार्जर या पावरबैंक घर पर ही भूल जाते हैं. अब अगर रास्ते में आपके फोन की बैटरी खत्म होने कगार पर आ जाए और आपको कोई जरूरी UPI पेमेंट करना हो या कैब बुक करनी हो तो अच्छी-खासी मुसीबत खड़ी हो जाती है. ऐसे वक्त में अगर आपके पास कोई दूसरा फोन है या आपके साथ चल रहे दोस्त के फोन में अच्छी-खासी बैटरी है.&nbsp;</p>
<p>तो आपको किसी सॉकेट या चार्जर को ढूंढने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आजकल के फोन इतने स्मार्ट हो चुके हैं कि वे खुद एक चलते-फिरते पावरबैंक का काम कर सकते हैं. आप एक फोन से दूसरे फोन में ठीक वैसे ही बैटरी ट्रांसफर कर सकते हैं जैसे डेटा या फोटो शेयर करते हैं. चलिए आपको बताते है कैसे काम करती है यह प्रोसेस.</p>
<h3><strong>कैसे बनाएं फोन को पावरबैंक?</strong></h3>
<p>एक फोन से दूसरा फोन चार्ज करने की इस तकनीक को रिवर्स वायर्ड चार्जिंग कहा जाता है. जो आजकल 10-12 हजार रुपये वाले बजट फोन्स में भी आसानी से मिल जाती है. इसके लिए बस आपको एक ऐसी चार्जिंग केबल चाहिए जिसके दोनों तरफ टाइप-सी यानी Type-C to Type-C पिन हो. अगर आपके पास पुरानी यूएसबी वाली केबल है. तो आप पचास रुपये में मिलने वाले एक छोटे से ओटीजी एडाप्टर का इस्तेमाल कर सकते हैं.&nbsp;</p>
<p>जिस फोन में बैटरी ज्यादा है उसमें ओटीजी लगाकर केबल का पहला सिरा जोड़ें और दूसरा सिरा उस फोन में लगा दें जिसकी बैटरी खत्म हो रही है. जैसे ही आप दोनों फोन जोड़ेंगे स्क्रीन पर एक नोटिफिकेशन पॉप-अप होगा. इस पर टैप करके USB प्रेफरेंस में जाएं और Charge Connected Device या Reverse Charging का ऑप्शन चुन लें. बस इतना करते ही ज्यादा बैटरी वाला फोन पवरबैंक बन जाएगा और दूसरे फोन में तुरंत चार्जिंग शुरू हो जाएगी.&nbsp;</p>
<p><br /><img src=”https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/11/06/480332debe1c16a8fe3621bbb4fc31841793907056594907_original.jpg” /></p>
<h3><strong>फोन के पीछे फोन रखकर भी हो जाएगी चार्जिंग</strong></h3>
<p>अगर आपके पास केबल भी नहीं है है तो भी काम आसान है. सैमसंग, एप्पल, वनप्लस और गूगल पिक्सल जैसे कई महंगे फोन्स में Reverse Wireless Charging या Power Share का फीचर मिलता है. इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर बैटरी सेक्शन में जाएं और वहां Wireless Power Sharing या Battery Share का टॉगल ऑन कर दें.&nbsp;</p>
<p>कई फोन्स में यह बटन ऊपर से नीचे स्वाइप करने पर कंट्रोल सेंटर में भी मिल जाता है. इसे ऑन करने के बाद अपने फोन को स्क्रीन के बल उल्टा रखें और दूसरे फोन को उसकी पीठ से सटाकर ठीक बीचोबीच रख दें. बस ध्यान रहे कि जिस दूसरे फोन को आप चार्ज कर रहे हैं उसमें भी वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट होना चाहिए. दोनों फोन के बैक पैनल टच होते ही बिना किसी तार के बैटरी ट्रांसफर होने लगेगी.</p>
<p><img src=”https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/11/06/4db5d342f8a8b4fc51ed484bf5e1c8ba1793906937948907_original.jpg” /></p>
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<h3><strong>दूसरे फोन को चार्ज करते वक्त इन बातों का जरूर रखें ध्यान</strong></h3>
<p>यह फीचर मुसीबत के समय काफी काम आता है लेकिन इसका इस्तेमाल करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. सबसे पहली बात यह समझ लें कि फोन से फोन की चार्जिंग की स्पीड सामान्य चार्जर के मुकाबले काफी धीमी होती है. इसलिए इसका इस्तेमाल फोन को 100 परसेंट फुल चार्ज करने के लिए नहीं बल्कि इमरजेंसी में 15-20 प्रतिशत बैटरी पाने के लिए करें जिससे आपका रुका हुआ काम चल सके.&nbsp;</p>
<p>इसके अलावा अगर आप वायरलेस तरीके से फोन चार्ज कर रहे हैंतो दोनों फोन्स के मोटे बैक कवर जरूर उतार दें, वरना कनेक्शन बार-बार टूटता रहेगा. कई स्मार्टफोन्स में सेफ्टी के लिए एक इन-बिल्ट लिमिट भी होती है यानी अगर बैटरी देने वाले फोन की खुद की चार्जिंग बीस या तीस प्रतिशत से नीचे गिर जाएगी. तो रिवर्स चार्जिंग अपने आप बंद हो जाएगी. तो साथ ही चार्जिंग के दौरान दोनों फोन्स थोड़े गर्म हो सकते हैं इसलिए इस वक्त उन पर हैवी गेमिंग करने से बचें.</p>
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